त्योहार और व्रत1 अक्टूबर 2026

नवरात्रि 2027: 30 सितंबर-8 अक्टूबर, दशहरा 9 अक्टूबर

नवरात्रि 2027शारदीय नवरात्रि 2027दुर्गा अष्टमी 2027दशहरा 2027घटस्थापना 2027navratri 2027

शारदीय नवरात्रि 2027 गुरुवार, 30 सितंबर 2027 को घटस्थापना के साथ शुरू होगी और शुक्रवार, 8 अक्टूबर को महानवमी के साथ समाप्त होगी; विजयादशमी (दशहरा) शनिवार, 9 अक्टूबर 2027 को है। दुर्गा अष्टमी गुरुवार, 7 अक्टूबर को है। इस लेख में जांचा हुआ दिन-वार कैलेंडर दिया गया है, साथ में हर दिन की देवी। दिल्ली के लिए घटस्थापना मुहूर्त 30 सितंबर को लगभग सुबह 8:05 से 10:12 बजे तक है (अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:47 से दोपहर 12:35 बजे तक); प्रतिपदा तिथि ही सुबह 8:05 बजे शुरू होती है, इसीलिए यह समय इतना छोटा है। अपने शहर का समय हमारे दैनिक पंचांग पर देखें। नौ रातें कैसे मनाई जाती हैं - व्रत के नियम, कन्या पूजन, हर दिन के रंग की परंपरा, और गोलू, तेलंगाना का बथुकम्मा, गरबा और बंगाल की दुर्गा पूजा जैसे क्षेत्रीय रूप - यह जानने के लिए हमारी नवरात्रि गाइड पढ़ें।

नवरात्रि 2027: दिन-वार कैलेंडर

दिनतारीखकिस देवी की पूजा
दिन 1 - प्रतिपदा (घटस्थापना)गुरुवार, 30 सितंबर 2027शैलपुत्री
दिन 2 - द्वितीयाशुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027ब्रह्मचारिणी
दिन 3 - तृतीयाशनिवार, 2 अक्टूबर 2027चंद्रघंटा
दिन 4 - चतुर्थीरविवार, 3 अक्टूबर 2027कूष्मांडा
दिन 5 - पंचमीसोमवार, 4 अक्टूबर 2027स्कंदमाता
दिन 6 - षष्ठीमंगलवार, 5 अक्टूबर 2027कात्यायनी
दिन 7 - सप्तमीबुधवार, 6 अक्टूबर 2027कालरात्रि
दिन 8 - अष्टमी (दुर्गा अष्टमी)गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027महागौरी
दिन 9 - नवमी (महानवमी)शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027सिद्धिदात्री
विजयादशमी (दशहरा)शनिवार, 9 अक्टूबर 2027-

2027 में लगातार नौ दिन पूजा होगी, 30 सितंबर से 8 अक्टूबर तक; दुर्गा अष्टमी और महानवमी अलग-अलग दिन हैं (7 और 8 अक्टूबर), और विजयादशमी 9 अक्टूबर को है।

पूजा के मुख्य दिन

  • घटस्थापना (30 सितंबर) - सुबह के मुहूर्त में कलश स्थापित किया जाता है; यही स्थापना नौ रातों की विधिवत शुरुआत है, और यह उन मौकों में से है जब लोग आम तौर पर पुरोहित बुलाते हैं।
  • दुर्गा अष्टमी (7 अक्टूबर) - कई घरों में कन्या पूजन होता है, और ज्यादातर क्षेत्रों में यह नौ दिनों में पूजा का सबसे बड़ा दिन है। अष्टमी तिथि 8 अक्टूबर को सुबह 6:27 बजे तक रहती है, इसलिए संधि पूजा (अष्टमी और नवमी के मिलन का समय) 8 अक्टूबर को भोर में पड़ती है - दिल्ली में लगभग सुबह 6:03 से 6:51 बजे तक।
  • महानवमी (8 अक्टूबर) - दक्षिण भारत में आयुध पूजा, जब औजारों, वाहनों और उपकरणों की पूजा होती है; उत्तर भारत में नवमी के हवन से नौ रातों का समापन होता है।
  • विजयादशमी (9 अक्टूबर) - दशहरा: शमी और अपराजिता पूजा, केरल में बच्चों का विद्यारंभ, और नए काम शुरू करने का दिन। इस दिन की विधियों के लिए हमारी दशहरा गाइड देखें।

नवरात्रि 2027 के लिए पुरोहित की बुकिंग

घटस्थापना की सुबह और अष्टमी - ये दो समय सबसे पहले बुक होते हैं। 30 सितंबर को स्थापना का मुहूर्त केवल लगभग दो घंटे का है (दिल्ली में सुबह 8:05 से 10:12 बजे तक), और कलश रखने वाला हर घर इसी समय में पुरोहित चाहता है। अगर घर पर स्थापना करवानी है तो पहले से बुकिंग कर लें; पूजा सहित सामान्य घटस्थापना में लगभग एक घंटा लगता है। बंगाल में यही दिन दुर्गा पूजा के होते हैं - बंगाली घरों के लिए बोधन और पुष्पांजलि के दिनों के पुरोहित Purohit.app पर मिल सकते हैं।

नवरात्रि 2027 के आसपास

  • गणेश चतुर्थी - शनिवार, 4 सितंबर 2027
  • करवा चौथ - सोमवार, 18 अक्टूबर 2027
  • धनतेरस - बुधवार, 27 अक्टूबर 2027; दिवाली - शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027 - देखें दिवाली 2027 कैलेंडर

हम कैसे जाँचते हैं: हमारी गाइड में दी गई तिथियाँ और मुहूर्त प्रकाशित करने से पहले पंचांग से मिलाए जाते हैं, और व्यावहारिक बातें - सामग्री, समय, दक्षिणा - Purohit.app पर हुई असली बुकिंग पर आधारित हैं। परंपराएँ समुदाय के अनुसार अलग होती हैं; आपके पुरोहित की सलाह ही मान्य है। यह पेज हमारी अंग्रेज़ी गाइड का अनुवाद है। कहीं कोई बात अलग लगे, तो अंग्रेज़ी पेज को ही सही मानें।

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