दिवाली 2027: शुक्रवार 29 अक्टूबर, धनतेरस से भाई दूज तक
दिवाली 2027 शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027 को है - यही लक्ष्मी पूजा का दिन है। पांच दिन का यह पर्व बुधवार, 27 अक्टूबर को धनतेरस से शुरू होकर रविवार, 31 अक्टूबर 2027 को भाई दूज पर पूरा होता है। इस लेख में हर दिन का जांचा-परखा कैलेंडर दिया गया है। 2027 में दिल्ली के लिए लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त छोटा है: शाम लगभग 6:36 से 7:06 बजे तक, क्योंकि अमावस्या तिथि शाम 7:06 बजे खत्म हो जाती है (प्रदोष काल शाम 5:39 से रात 8:13 बजे तक, वृषभ लग्न शाम 6:36 से रात 8:30 बजे तक)। अपने शहर का समय हमारे दैनिक पंचांग पर देखें। मुख्य शाम की पूजा की पूरी विधि हमारी लक्ष्मी पूजा विधि और सामग्री गाइड में दी गई है।
इस साल की दिवाली देख रहे हैं? दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर को है और धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर को। दोनों पेजों पर इस साल के पूजा मुहूर्त दिए गए हैं।
दिवाली 2027: पांचों दिन
| दिन | पर्व | तारीख |
|---|---|---|
| दिन 1 | धनतेरस (धनत्रयोदशी) | बुधवार, 27 अक्टूबर 2027 |
| दिन 2 | नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) | गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027 |
| दिन 3 | दिवाली - लक्ष्मी पूजा | शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027 |
| दिन 4 | गोवर्धन पूजा | शनिवार, 30 अक्टूबर 2027 |
| दिन 5 | भाई दूज (भाऊबीज) | रविवार, 31 अक्टूबर 2027 |
शुक्रवार की दिवाली से 2027 में अपने आप एक लंबा वीकेंड बन रहा है - शुक्रवार शाम लक्ष्मी पूजा, शनिवार को गोवर्धन पूजा और रविवार को भाई दूज - इसलिए इस साल अपने घर-गांव जाना आसान रहेगा, और पुरोहितों की बुकिंग के लिहाज से यह व्यस्त साल होगा।
हर दिन क्या होता है
- धनतेरस (27 अक्टूबर) - नई खरीदारी (सोना, चांदी, बर्तन) का दिन, और शाम को यम दीपक जलाया जाता है। इस दिन देवताओं के वैद्य भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है।
- नरक चतुर्दशी (28 अक्टूबर) - सुबह सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान (तेल लगाकर स्नान) किया जाता है, जो नरकासुर पर श्रीकृष्ण की विजय की याद में है; तमिलनाडु और केरल में यही दीपावली का मुख्य दिन है।
- लक्ष्मी पूजा (29 अक्टूबर) - मुख्य शाम: सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में लक्ष्मी, गणेश और कुबेर की पूजा होती है। घर दीयों से जगमगाते हैं, और पूजा तय मुहूर्त में की जाती है: दिल्ली में शाम लगभग 6:36 से 7:06 बजे तक, अमावस्या तिथि खत्म होने से पहले। बंगाल, असम और ओडिशा में अमावस्या की रात काली पूजा की होती है, जो आधी रात को की जाती है; इस बार अमावस्या शाम को जल्दी खत्म हो रही है, इसलिए काली पूजा की रात बंगाली पंचांग में देख लें, यह न मान लें कि वह लक्ष्मी पूजा वाली रात ही है।
- गोवर्धन पूजा (30 अक्टूबर) - श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाने की याद में अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। यही प्रतिपदा कर्नाटक में बलि पाड्यमी, महाराष्ट्र में बलि पड़वा और गुजरात में नया साल, बेसतु वरस, है।
- भाई दूज (31 अक्टूबर) - बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं; परिवार के साथ पर्व का समापन। महाराष्ट्र में इसे भाऊबीज और बंगाल में भाई फोंटा कहते हैं।
लक्ष्मी पूजा 2027 के लिए पुरोहित की बुकिंग
लक्ष्मी पूजा की शाम के लिए पुरोहित मिलना साल में सबसे मुश्किल होता है: हर घर को उसी शाम वही छोटा सा समय चाहिए (2027 में दिल्ली में सिर्फ शाम 6:36 से 7:06 बजे तक)। अगर आप 29 अक्टूबर 2027 को घर पर पुरोहित से पूजा कराना चाहते हैं, तो काफी पहले बुक कर लें; कई पुरोहित दिवाली की शाम की बुकिंग हफ्तों पहले बंद कर देते हैं। घर पर लक्ष्मी पूजा में लगभग एक घंटा लगता है; क्या तैयारी करनी है, यह विधि और सामग्री गाइड में देखें, और आमतौर पर कितनी दक्षिणा दी जाती है, यह हमारी पुरोहित के खर्च वाली गाइड में।
दिवाली 2027 के आसपास की अन्य तारीखें
- करवा चौथ - सोमवार, 18 अक्टूबर 2027
- छठ पूजा - गुरुवार, 4 नवंबर 2027
- तुलसी विवाह - गुरुवार, 11 नवंबर 2027, इसी से शादियों का सीजन शुरू होता है - देखें विवाह मुहूर्त की तारीखें
- कार्तिक पूर्णिमा - रविवार, 14 नवंबर 2027
हम कैसे जाँचते हैं: हमारी गाइड में दी गई तिथियाँ और मुहूर्त प्रकाशित करने से पहले पंचांग से मिलाए जाते हैं, और व्यावहारिक बातें - सामग्री, समय, दक्षिणा - Purohit.app पर हुई असली बुकिंग पर आधारित हैं। परंपराएँ समुदाय के अनुसार अलग होती हैं; आपके पुरोहित की सलाह ही मान्य है। यह पेज हमारी अंग्रेज़ी गाइड का अनुवाद है। कहीं कोई बात अलग लगे, तो अंग्रेज़ी पेज को ही सही मानें।